
महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 में एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने अपना दबदबा दिखाया। उन्होंने विशाखापट्टनम में खेले गए मुकाबले में बांग्लादेश महिला टीम को 10 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। मैच की शुरुआत बांग्लादेश के लिए उम्मीदों भरी रही, लेकिन अंत में एलिसा हीली और फीबी लिचफील्ड की शानदार बल्लेबाज़ी ने ऑस्ट्रेलिया को एकतरफा जीत दिला दी। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया सेमीफ़ाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई, जिसने एक बार फिर साबित किया कि वे महिला क्रिकेट की सबसे मजबूत टीम हैं।
बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया। उनका उद्देश्य एक प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा करना था। शुरुआत में उनकी योजना सफल होती दिखी — उन्होंने पावरप्ले में ज्यादा विकेट नहीं गंवाए। कप्तान निगार सुल्ताना संयमित नज़र आईं, और ऐसा लगा कि टीम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले मैच से काफी कुछ सीखा है।लेकिन जैसे ही ऑस्ट्रेलिया की स्पिन गेंदबाज़ी शुरू हुई, बांग्लादेश की पारी बिखरने लगी। साझेदारियों की कमी और ग़लत शॉट चयन ने टीम की हालत बिगाड़ दी। शुरुआत अच्छी रही, लेकिन बीच के ओवरों में लगातार विकेट गिरते रहे और टीम कोई लय नहीं बना पाई।
अलाना किंग की स्पिन ने मचाई तबाही
पहली पारी की स्टार रहीं अलाना किंग, जिन्होंने बेहतरीन नियंत्रण और सटीक लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाज़ी की। उनकी गेंदबाज़ी ने बांग्लादेशी बल्लेबाज़ों को पूरे मैच में परेशान किया। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया।
मैच के बाद किंग ने कहा:
“हमने गेंद के साथ अनुशासन बनाए रखने और अपनी ताकतों पर ध्यान देने की योजना बनाई थी। पिच पर थोड़ी स्पिन थी, लेकिन मेरे लिए हमेशा सही लेंथ और सही प्लान ही अहम रहता है। मुझे खुशी है कि मैंने टीम को सीमित स्कोर पर रोकने में योगदान दिया।”
उनकी गेंदबाज़ी की बदौलत बांग्लादेश को 198 रन पर रोक दिया गया — जो ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के लिए कभी चुनौतीपूर्ण नहीं था।
ऑस्ट्रेलिया की रिकॉर्ड तोड़ चेज़
ऑस्ट्रेलिया जब बल्लेबाज़ी करने उतरी, तो कोई झिझक या सावधानी नहीं दिखी। पहले ही ओवर से एलिसा हीली और फीबी लिचफील्ड ने आक्रामक खेल दिखाया। इसके बाद जो हुआ, वह महिला विश्व कप इतिहास की सबसे दमदार चेज़ में से एक था।
ऑस्ट्रेलिया ने 199 रन का लक्ष्य बिना कोई विकेट गंवाए सिर्फ 24.5 ओवर में हासिल कर लिया। यह उनकी बल्लेबाज़ी की गहराई और पेशेवर रवैये का शानदार उदाहरण था।
हीली और लिचफील्ड की चमक
- एलिसा हीली, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान, शानदार लय में थीं। उन्होंने सिर्फ 73 गेंदों में 113 रन* बनाए, जो उनका इस विश्व कप का दूसरा शतक और कुल चौथा वर्ल्ड कप शतक था।
- फीबी लिचफील्ड, युवा ओपनर, ने बेहतरीन 85 (70 गेंद)* रन बनाकर हीली का बेहतरीन साथ दिया।
दोनों के बीच 202 रनों की साझेदारी महिला वनडे विश्व कप इतिहास में तीसरी सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी बनी और बांग्लादेश के खिलाफ दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी भी रही।
यह जीत ऑस्ट्रेलिया महिला टीम के लिए विश्व कप इतिहास की आठवीं 10-विकेट जीत थी — जो किसी भी टीम के लिए एक रिकॉर्ड है।
कप्तानों की प्रतिक्रियाएँ: खुशी और निराशा
हीली ने जीत के बाद मुस्कुराते हुए कहा:
“बांग्लादेश ने अच्छा खेल दिखाया और हमने भी पूरी कोशिश की, लेकिन हमारी कुछ योजनाएँ सही तरीके से लागू नहीं हो पाईं। मुझे आज अपने विकेटकीपिंग से निराशा हुई, लेकिन बल्ले से योगदान देकर अच्छा लगा। यह हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है और मैं इसका आनंद लेती हूं।”
उन्होंने अपनी टीम की तारीफ़ करते हुए कहा:
“अलाना किंग शानदार रहीं, और डार्सी ब्राउन ने बेहतरीन गेंदबाज़ी की। हम अपनी प्रोफेशनलिज़्म पर गर्व करते हैं, और आज का प्रदर्शन उसी का प्रमाण है। अब हमारा अगला मुकाबला इंग्लैंड से इंदौर में है, और हम तैयार रहेंगे।”
निगार सुल्ताना (बांग्लादेश कप्तान)
बांग्लादेश के लिए यह दिन कठिन रहा।
“हमने अच्छी शुरुआत की थी, पावरप्ले में ज्यादा विकेट नहीं गंवाए, लेकिन साझेदारियाँ नहीं बन पाईं। दक्षिण अफ्रीका वाले मैच जैसी इंटेंट इस बार नहीं थी। दो मुख्य गेंदबाज़ों की गैरमौजूदगी से भी नुकसान हुआ। यह हमारे लिए सीखने वाला दिन था,” उन्होंने कहा।
हालांकि हार मिली, लेकिन बांग्लादेश की प्रगति पिछले कुछ वर्षों में काबिले तारीफ़ रही है। ऐसे मैच उन्हें भविष्य में और मजबूत बनाएंगे।
मैच के आँकड़े जिन्होंने कहानी कही
- ऑस्ट्रेलिया की यह विश्व कप में आठवीं 10-विकेट जीत थी — किसी भी टीम द्वारा सबसे ज़्यादा।
- 199 रन का लक्ष्य बिना विकेट गंवाए चेज़ करना महिला वनडे इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा सफल चेज़ है।
- एलिसा हीली की 73 गेंदों में शतकीय पारी महिला विश्व कप इतिहास की दूसरी सबसे तेज़ सेंचुरी रही।
- हीली के अब महिला विश्व कप में चार शतक हो गए हैं — चार्लोट एडवर्ड्स और सूज़ी बेट्स जैसी दिग्गजों की बराबरी पर।
- हीली और लिचफील्ड की 202 रन की साझेदारी ऑस्ट्रेलिया की विश्व कप इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारियों में से एक रही।
ये आँकड़े बताते हैं कि क्यों ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट में सबसे आगे है।
अलाना किंग का दृष्टिकोण: टीम भावना का उदाहरण
अलाना किंग ने प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद कहा:
“अगर किसी दिन किसी खिलाड़ी का दिन अच्छा नहीं रहता, तो कोई और आगे आकर टीम के लिए प्रदर्शन करता है — यही इस टीम की खूबसूरती है। हीली जैसी कप्तान के साथ हमारी कम्युनिकेशन शानदार रहती है। हम एक-दूसरे के लिए खेलते हैं और इसी पर हमें गर्व है।”
उनके शब्दों ने ऑस्ट्रेलियाई टीम की एकता और आत्मविश्वास को बखूबी बयां किया।
बांग्लादेश के लिए सीख और उम्मीदें
भले ही बांग्लादेश को बड़ी हार का सामना करना पड़ा, लेकिन कुछ सकारात्मक बातें भी रहीं। उनके ओपनरों ने संयम दिखाया, और गेंदबाज़ों ने शुरुआती ओवरों में अच्छी अनुशासन बनाए रखा। टीम के लिए सबसे बड़ी सीख यह रही कि उन्हें निरंतरता और साझेदारी पर अधिक ध्यान देना होगा।
दो प्रमुख गेंदबाज़ों की कमी से टीम का संतुलन बिगड़ा, लेकिन निगार सुल्ताना की कप्तानी में यह टीम लगातार आगे बढ़ रही है।
ऑस्ट्रेलिया की ओर बढ़ता कदम
इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया महिला टीम सेमीफ़ाइनल में जगह बनाने वाली पहली टीम बन गई है। अब वे इंदौर में इंग्लैंड के खिलाफ अगला मुकाबला खेलने उतरेंगी।
ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी ताकत उसकी अनुकूलन क्षमता, दबदबा और पेशेवर दृष्टिकोण है। चाहे तेज़ गेंदबाज़ हों या स्पिनर या विश्वस्तरीय बल्लेबाज़ — टीम का संतुलन बेमिसाल है।
निष्कर्ष
बांग्लादेश बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला मुकाबला यह साफ़ दिखाता है कि विश्व चैंपियंस और उभरती टीमों के बीच अभी भी अंतर है। बांग्लादेश ने शुरुआत में संघर्ष किया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की ताकत के सामने टिक नहीं पाए।
ऑस्ट्रेलिया के लिए यह एक और शानदार दिन रहा — हीली की शतकीय पारी, लिचफील्ड की परिपक्व बल्लेबाज़ी, और किंग की सटीक गेंदबाज़ी ने टीम को जीत दिलाई। अब जब उनका सेमीफ़ाइनल स्थान पक्का हो गया है, वे पहले से कहीं ज़्यादा मजबूत नज़र आ रही हैं।
